ये मरीज दांतों में संवेदनशीलता, इनेमल का पतला होना या किनारों का टूटना जैसी समस्याओं की शिकायत लेकर डॉक्टर्स के पास पहुंच रहे हैं. रिसर्च के मुताबिक, भारत में लगभग 27 प्रतिशत दांत के मरीजों में दांतों का इनेमल (दांत की सबसे बाहरी पहत) कमजोर होने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. तो आइए जानते हैं कि किन गलतियों से ये समस्याएं बढ़ रही हैं जिन्हें तुरंत सुधारने की जरूरत है. एक्सपर्ट हमेशा ऐसी ड्रिंक या ऐसी चीजों के सेवन के बाद पानी से कुल्ला करने या स्ट्रॉ का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. कम पानी पीने और कैफीन या अल्कोहल अधिक लेने से सलाइवा फ्लो घट सकता है जिससे इनेमल कमजोर हो सकता है.