डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के अगले बड़े बदलाव में निजी क्षेत्र की भूमिका बेहद अहम होगी। उन्होंने कहा कि देश को “विकसित भारत” बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योग जगत को नवाचार, क्षमता बढ़ाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए साहसिक निवेश करना होगा।समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक विशेष इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 'शब्दों और भावना दोनों में' सुधार (रिफॉर्म) को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, नीति में निरंतरता और निर्णायक नेतृत्व से देश में बड़े पैमाने पर प्रगति हुई है।उन्होंने कहा कि उत्पादकता बढ़ने के साथ निजी क्षेत्र के मालिकों को अपने कर्मचारियों के साथ लाभ को न्यायसंगत तरीके से साझा करना चाहिए। उन्होंने उद्योगों से कम मुनाफे की सुरक्षा पर ध्यान देने के बजाय रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), सप्लाई चेन और गुणवत्ता पर ज्यादा निवेश करने की अपील की।डिजिटल विकास, एफटीए और डेटा सेंटर पर फोकस प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ऐसे बनाए गए हैं, जिससे टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, हस्तशिल्प और रत्न जैसे क्षेत्रों के MSMEs को नए बाजार मिल सकें। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल क्षेत्र में दुनिया का नेता बन रहा है। यह बदलाव लोगों के लेन-देन के तरीके में हुए बड़े सुधारों से संभव हुआ है, खासकर Unified Payments Interface (UPI) प्लेटफॉर्म के जरिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि डेटा सेंटर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेंगे और भारत दुनिया का डेटा अपने यहां रखने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाकर एक मजबूत AI इकोसिस्टम की नींव रखी जा रही है।इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और UPA पर टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने इतिहास के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अभियान का गवाह बन रहा है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र पर उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के अनुसार सेना का आधुनिकीकरण करना सरकार का कर्तव्य है और देश की रक्षा ताकत को मजबूत करने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी।