NavIC in Xiaomi and Realme Phones: Xioami और रियलमी ने किया कन्फर्म, ISRO के नैविगेशन सिस्टम के साथ आएंगे नए स्मार्टफोन - xiaomi and realme confirms to launch new smartphones with navic developed by i - News Summed Up

NavIC in Xiaomi and Realme Phones: Xioami और रियलमी ने किया कन्फर्म, ISRO के नैविगेशन सिस्टम के साथ आएंगे नए स्मार्टफोन - xiaomi and realme confirms to launch new smartphones with navic developed by i


(प्रतीकात्मक फोटो)NavIC सपॉर्ट के साथ आएगा स्नैपड्रैगन प्रोसेसरXiaomi और रियलमी के स्मार्टफोन अब देसी जीपीएस टेक्नॉलजी के साथ आएंगे। इन कंपनियों ने कन्फर्म कर दिया है कि वे अब इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) द्वारा डिवेलप किए गए नैविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टलेशन (NavIC) को सपॉर्ट करने वाले स्मार्टफोन्स लॉन्च करेंगी। NavIC नैविगेशन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली GPS टेक्नॉलजी का देसी वर्जन है। बता दें कि, हाल ही में प्रोसेसर बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम ने स्नैपड्रैगन 4,6,7 सीरीज के तीन नए चिपसेट्स को लॉन्च किया था। ये तीनों (स्नैपड्रैगन 720G, 662 और 460) चिपसेट NavIC को सपॉर्ट करते हैं और इन प्रोसेसर के साथ आने वाले स्मार्टफोन्स में NavIC का यूज किया जा सकता है।शाओमी के ग्लोबल प्रेजिडेंट और इंडिया मैनेजिंग डायरेक्टर मनु जैन ने कहा कि कंपनी जल्द ही टॉप-एंड स्नैपड्रैगन 720G प्रोसेसर पर काम करने वाले स्मार्टफोन्स को लॉन्च करेगी। यह स्मार्टफोन कौन सा होगा इस बारे में मनु जैन ने कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन इस बात की तरफ इशारा जरूर किया कि स्नैपड्रैगन 720G प्रोसेसर पर काम करने वाला अगला स्मार्टफोन NavIC सपॉर्ट के साथ आएगा। वहीं, रियलमी के सीईओ माधव सेठ ने कहा कि रियलमी दुनिया की पहली कंपनी होगी जो स्नैपड्रैगन 665 प्रोसेसर वाले स्मार्टफोन्स को भारत में रियलमी 5 सीरीज के साथ लॉन्च करेगी।स्मार्टफोन यूजर्स के बीच जीपीएस काफी पॉप्युलर है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि यह इकलौता नैविगेशन सिस्टम नहीं है। रूस अपना खुद का नैविगेशन सिस्टम GLONASS यूज करता है। वहीं, दूसरी तरफ यूरोपियन यूनियन में गैलीलियो और चीन में BeiDou नैविगेशन सैटलाइट सिस्टम का इस्तेमाल होता है।NavIC की बात करें तो यह केवल भारत पर फोकस करेगा। बताया जा रहा है कि यह जीपीएस से भी ज्यादा ऐक्युरेट होगा जिसकी पोजिशन ऐक्युरेसी 5 मीटर की होगी। NavIC ड्यूल फ्रिक्वेंसी (S और L बैंड) पर काम करता है। वहीं, जीपीएस केवल L बैंड पर काम करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2016 में इसरो द्वारा बनाए गए NavIC सैटलाइट नैविगेशन सिस्टम को लॉन्च किया था और अब यह स्मार्टफोन्स में आने के लिए तैयार है। इसरो ने ऐक्युरेट नैविगेशन देने के लिए कुल 8 सैटलाइट्स को डिप्लॉय किया है। इनमें से सात पोजिशनिंग, लोकेशन, नैविगेशन और टाइमिंग सर्विस देंगे। जबकि एक में मेसेजिंग सर्विस (IRNSS-1A) उपलब्ध कराएगा।करगिल युद्ध के दौरान अमेरिका ने भारत में घुसने वाली पाकिस्तानी सेना के बारे में जीपीएस इन्फर्मेशन देने से इनकार कर दिया था। यही वह समय था जब जब देश को पहली बार अपने सैटलाइट नैविगेशन सिस्टम की कमी खली थी और दो दशक बाद इसरो ने कड़ी मेहनत से देश को आखिरकार अपना खुद का नैविगेशन सिस्टम उपलब्ध कराने में सफलता हासिल की।


Source: Navbharat Times January 22, 2020 03:22 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...