Nagpur News जीवन के सभी विषयों के संतुलन की प्रेरणा शिव है। शिव ध्यान में रहते हैं, शांत रहते हैं। उनका संदेश है कि शांत व्यक्ति ही सबसे शक्तिशाली होता है। उनके गले का नाग, भय और अहंकार पर नियंत्रण का प्रतीक है। उनके माथे का चंद्रमा, शीतल व शांत मन का प्रतीक है। शिव की जटा से निकलती गंगा जीवन में सकारात्मक प्रवाह का संदेश देती हैं। उनका श्मशान में ध्यान, वास का अर्थ संघर्ष के साथ अंत तक अडिग रहने की शक्ति का प्रतीक है। शिवरात्रि पर पारंपारिक उपवास के साथ सभी तरह के नकारात्मक भाव व विषय-विकारों का उपवास रखना भी जरुरी है। शिव के पसंदीदा बेल पत्र के तीन पत्ते तीन आयामों, कार्य जीवन, पारिवारिक जीवन व आंतरिक जीवन का प्रतीक है। यह प्रतीक तीनों के साथ संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देते है। ऐसा मुक्तेश्वरी उर्फ खुशाली क्षीरसागर ने कहा। गांधीबाग उद्यान में शिवरात्रि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘जीवन में शिव का महत्व’ उनके नेतृत्व व अस्तित्व पर अपने विचार रखें।भीतर के शिव को जगाने का अवसरमहाशिवरात्रि केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की रात्रि है। स्वयं को पहचानने और भीतर के शिव को जगाने का अवसर है। आज आधुनिक सुविधाओं के बीच है, लेकिन मन की शांति कहीं खो गई है। जीवन में तनाव, अवसाद और रिश्तों में दूरी बढ़ रही है। हमने समय से स्पर्धा की, उससे आगे दौड़ रहे हैं, स्वयं से दूर हो गए हैं। इसलिए जीवन में शिव तत्व को अपनानाकर उसके महत्व को समझना जरुरी हो चुका है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण, पूजन व आरती से हुई। कार्यक्रम का आयोजन अरुणोदय परिवार, इंद्रधनुष ओपन माइक, स्वर अलंकार व संगीत सरिता परिवार, श्री योग नृत्य परिवार जय माता दी योगासन परिवार, जयगोपाल योग मंडल ने संयुक्त रुप से किया था।इस अवसर पर शिव भजन, भक्ती गीत, चौरागढ़ महादेव के गीत आदि की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम की सफलता के लिए लक्ष्मी गोखले, सोनाली समर्थ, विजया शेणमारे, गीता कलमकर, सुनिता प्रजापति, हेमलता उखारे, वृंदा पालेवार, सुनिता महाजन, आशा खापेकर, ममता बावनथडे,वर्षा मौंदेकर, मालु कापसे, जयश्री वंजारी, अनिता झाडे, कांचन गुमगांवकर, अरविंद कोसारकर, सुभाष कापसे, सी. वेंकट मधु, वासुदेव मौंदेकर, दिलीप पराते, सत्यजीत नायक, राजेश धकाते, विजय शेणमारे, प्रवीण डोफे, वासु पराये, जगदीश वाठ, विशाल गुप्ता, प्रभाकर कामठीकर, अर्जुन मोहाडीकर, धनराज खाकरे, संजय वानखेडे, भरत पालेवार, भोला बरसे, विजय वानखेडे आदि ने सह्योग किया।
Source: Dainik Bhaskar February 19, 2026 13:50 UTC