तीसरी तिमाही में सुधार की उम्मीद: दो तिमाही में लगातार GDP ग्रोथ में गिरावट से भारत आधिकारिक रूप से आर्थिक मंदी में - News Summed Up

तीसरी तिमाही में सुधार की उम्मीद: दो तिमाही में लगातार GDP ग्रोथ में गिरावट से भारत आधिकारिक रूप से आर्थिक मंदी में


Hindi NewsBusinessIndia Officially In Economic Downturn With Two Consecutive Quarterly GDP Growth DeclinesAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपतीसरी तिमाही में सुधार की उम्मीद: दो तिमाही में लगातार GDP ग्रोथ में गिरावट से भारत आधिकारिक रूप से आर्थिक मंदी मेंमुंबई 13 घंटे पहलेकॉपी लिंकतीसरी तिमाही की GDP का आंकड़ा 26 फरवरी 2021 को जारी किया जाएगाइकोनॉमी रिकवरी के रास्ते पर है। तीसरी या चौथी तिमाही में पॉजिटिव रह सकती हैभारत अब आधिकारिक रूप से आर्थिक मंदी में चला गया है। दरअसल किसी भी देश में जब लगातार दो तिमाहियों तक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ में गिरावट आती है तो उसे मंदी या रिसेशन मान लिया जाता है। शुक्रवार को जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी में 7.5% की गिरावट रही है। अब GDP का अगला आंकड़ा 26 फरवरी 2021 को आएगा।पहली तिमाही में 23.9 पर्सेंट की गिरावटबता दें कि इससे पहले अप्रैल-जून की तिमाही में भारत की GDP में 23.9% की गिरावट दर्ज की गई थी। इसी के साथ जीवीए भी 7% गिरा है। हालांकि यह पहले से ही अनुमानित था कि दूसरी तिमाही में भी GDP गिरेगी और भारत आधिकारिक रूप से मंदी में चला जाएगा।आरबीआई ने पहले ही कहा था टेक्निकली रिसेशनदेश के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहले ही कहा था कि टेक्निकली हम रिसेशन के दौर में हैं। इस टेक्निकली को आज दूसरी तिमाही के GDP के नतीजे ने साबित कर दिया। हालांकि RBI का अनुमान कुछ हद तक सही था, लेकिन बाकी सभी अनुमान GDP के वास्तविक आंकड़े से काफी ज्यादा थे।मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ रहीGDP में चौंकाने वाली बात यह रही है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसमें मामूली ग्रोथ दिखी है। हालांकि निजी खपत में 11.5% की भारी गिरावट आई है जो काफी निराशाजनक बात है। अब ऐसा माना जा रहा है कि निजी खपत या खर्च में अभी भी रफ्तार पकड़ने में समय लगेगा।हाई फ्रिक्वेंसी इंडिकेटर्स का अच्छा प्रदर्शनGDP के आंकड़ों से पता चलता है कि भले ही गिरावट रही हो, लेकिन जो हाई फ्रिक्वेंसी इंडीकेटर्स हैं, उसमें काफी सुधार दिख रहा है। इलेक्ट्रिसिटी, गैस, पानी की सप्लाई और अन्य युटिलिटीज सेवाओं में 4.4% की ग्रोथ दिखी है। एग्रीकल्चर, फॉरेस्टी और फिशिंग सेक्टर की ग्रोथ 3% से ज्यादा रही है। ट्रेड और होटल में 15% की गिरावट दर्ज की गई है। पब्लिक खर्च, रक्षा और अन्य सेवाओं में 12% की गिरावट आई है। फाइनेंशियल, रियल इस्टेट और प्रोफेशनल सेवाओं के सेक्टर में 8.1% गिरावट आई है।माना जा रहा है कि इकोनॉमी रिकवरी के रास्ते पर है और यह तीसरी तिमाही में या चौथी तिमाही में पॉजिटिव रह सकती है।तीसरी तिमाही में दिखेगा असरदूसरी तिमाही में जो सुधार दिखा है उसका असर तीसरी तिमाही में दिखेगा। तीसरी तिमाही में त्यौहारी सीजन का योगदान अच्छा रह सकता है। क्योंकि अक्टूबर और नवंबर में काफी खर्च लोगों ने किया है। अक्टूबर में GST कलेक्शन 1.05 लाख करोड़ रुपए रहा है। नवंबर में यह 1.08 लाख करोड़ रुपए हो सकता है।अनुमान से बेहतर नतीजेआईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की इकोनॉमिस्ट अनघा देवधर कहती हैं कि दूसरी तिमाही की GDP हमारे अनुमान से बेहतर है। ज्यादातर सेगमेंट में ग्रोथ अनुमान के मुताबिक है। मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड सेक्टर की ग्रोथ चौंकाने वाली है। इससे आगे सुधार की उम्मीद दिख रही है।गांवों में मांग बढ़ रही हैसरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के.वी. सुब्रमणियन ने कहा कि एग्रीकल्चर सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया है। गांवों में बढ़ रही मांग का असर ट्रैक्टर की बिक्री में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी में सुधार अगले हफ्ते ब्याज दरों के फैसले से पहले आया है। खाद्य महंगाई दर के बारे में अनुमान है कि यह तीसरी तिमाही में कम रहेगी।एलारा कैपिटल की इकोनॉमिस्ट गरिमा कपूर ने कहा कि आज के GDP के नतीजे हमारे विश्वास को बढ़ाते हैं। क्योंकि रिकवरी दिख रही है। गांव की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन की है।


Source: Dainik Bhaskar November 27, 2020 14:26 UTC



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