अंतरराष्ट्रीय सेना स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता का मेजबान होगा जैसलमेर - News Summed Up

अंतरराष्ट्रीय सेना स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता का मेजबान होगा जैसलमेर


जोधपुर, रंजन दवे। आगामी 24 जुलाई से 17 अगस्त 2019 तक जैसलमेर में कोणार्क कोर के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय सेना खेलों के एक भाग के रूप में अंतरराष्ट्रीय सेना स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमे की विश्व के आठ देशों की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री स्काउट टीमें भाग लेंगी।भारत पहली बार अंतरराष्ट्रीय सेना खेलों के भाग के रूप में सेना स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। यह भी पहली बार है कि कोई भारतीय टीम इस प्रतियोगिता में भाग लेगी।रूस और चीन समेत विश्व के आठ देशों की टीमें के इस आयोजन की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के लिए खेलों के इस प्रारूप के संस्थापक सदस्य के रूप में रूसी प्रतिनिधिमंडल, वरिष्ठ सैन्य और राजनयिक गणमान्य लोगों ने जैसलमेर सैन्य स्टेशन का दौरा किया। रूसी डेलीगेट्स ने जैसलमेर और पोखरण में बनाई गई विशेष प्रशिक्षण सुविधाओं को देखा। रूसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बुडशिन अल्बर्ट एलनिविच ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सभी टीमों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सही अवसर प्रदान करेगा , जिससे कि अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग के लिए दीर्घकालिक लाभ मिल सकेगे। इसका उद्देश्य युद्ध की बेहतर तकनीक को साझा करने के साथ-साथ भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग विकसित करना प्रमुख है।इंटरनेशनल आर्मी स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता पांच चरणों में आयोजित की जाएगी। ये सभी चरण सिम्युलेटेड बैटल फील्ड में मैकेंनाइज्ड इन्फैंट्री स्काउट्स के समग्र कौशल का परीक्षण करेगी। युद्ध कौशल प्रतियोगिताओं के निर्णय के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के जज और रेफरीयो के पैनल द्वारा परिणाम घोषित किया जाएगा।यह प्रतियोगिता हर बार रूस ही आयोजित करता है। लेकिन पहली बार यह भारत मे हो रही है।ये देश करेंगे शिरकतअर्मेनिया, बेलारूस, रूस, चीन, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत , जिम्बाबे की टीमें इस आयोजन में हिस्सा लेंगे। जो कि घुसपैठ रोकने, हमला करने, बचाव राहत दल के रूप में , घात लगाना, बाधा कोर्स, कम फायरिंग में घुसपैठ करना और रोकने जैसी एक्सरसाइज में हिस्सा लेंगे।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Nitin Arora


Source: Dainik Jagran May 16, 2019 15:33 UTC



Loading...

Loading...