सावधान! चेहरे का सुन्नपन पड़ना, चलते वक्त लड़खड़ाहट और आवाज में तुतलाहट को न करें नजरअंदाज

है,महिलाओं के चेहरे पर अचानक से सुन्नपन आना, चलते वक्त लड़खड़ाहट और आवाज में तुतलाहट आने को नजरअंदाज न करें। ऐसा अचानक नहीं धीरे-धीरे होता है। यह स्ट्रोक नहीं मल्टीपल स्केलेरोसिस और न्यूरोमायलाइटिस ऑप्टिकल डिसऑर्डर है। यह एक तरह की ऑटो इम्यून डिजीजजो बॉडी के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। जिसके चलते ऐसा होता है। हालांकि, अभी तक इस बीमारी का मूल कारण मालूम नहीं चल पाया है। यह माना जाता है कि वायरल इंफेक्शन होने पर कई बार वायरल एंटीजन बॉडी में चले जाते हैं, जिनसे एंटी बॉडीज बनते हैं। यही एंटीबॉडीज नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती हैं। इनसे नर्व सैल्स भी डेमेज हो सकती हैं। यह ऑटो इम्यून डिजीज बॉडी के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हुए नर्व सैल्स को डैमेज करना शुरू कर देती है।हाथ-पैरों में कमजोरी और धुंधला दिखने से होती शुरुआतडिमाइलेडेमिल डिसऑर्डर दो तरह के होते हैं। एमएस (मल्टीपल स्केलेरोसिस) और एमएनओ (न्यूरोमायलाइटिस ऑप्टिकल) । इन दोनों डिसऑर्डर के लक्षण लगभग एक समान होते हैं, लेकिन ट्रीटमेंट अलग-अलग होता है। शुरुआत में एक आंख में दर्द आता है। फिर धु्ंधला दिखाई देना शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे दिखना पूरी तरह से बंद हो जाता है। इसमें हाथ-पैर कमजोरी महसूस होती है। वहीं, कई बार दोनों पैरों में भी कमजोरी आ सकती है। पेशेंट को चलने-फिरने में परेशानी और बोलने में तुतलाहट आ जाएगी। इसमें पैरालिसिस तुरंत नहीं दो-तीन दिन में आता है। यंग ऐज में इसके अटैक ज्यादा आते हैं। यंग महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा होती है। उम्र भर इसका ट्रीटमेंट लेना पड़ता है। जल्दी इलाज शुरू नहीं होने पर अपंगता आ सकती है। अटैक कंट्रोल करने के लिए लगातार ट्रीटमेंट लेना जरूरी है। इसलिए जल्दी से जल्दी इसे डायग्नोस करके इलाज शुरू कर देना चाहिए।कैसे करते हैं डायग्नोसब्रेन और स्पाइन की एमआरआई से यह बीमारी डायग्नोस की जाती है। नर्वस सिस्टम की कवरिंग सफेद दिखाई देने पर लोकेशन डायग्नोस करते हैं। एमएस डिसऑर्डर में ब्रेन और एमएनओ में स्पाइन और ब्रेन दोनों प्रभावित होते हैं। एमएस के ट्रीटमेंट के लिए हर सप्ताह इंजेक्शन लगाने की जरूरत है। जबकि एमएनओ में लंबे समय तक दवाइयां दी जाती है। इसमें इम्युनो संप्रेषण काम में लेते हैं। एमएस में इम्युनो मॉडलेटर काम में लेते हैं। दोनों के लक्षण एक समान होते हैं, इसलिए तुरंत डायग्नोस करवाकर इसका इलाज शुरू कराना चाहिए। देरी से ट्रीटमेंट शुरू होने पर रिलीफ कम आता है। दोनों डिसऑर्डर में बार-बार उल्टी और हिचकियां आना एक जैसे लक्षण हैं।

July 21, 2018 14:26 UTC


अविश्वास प्रस्ताव: संजू से बेहतर मनोरंजन प्रदान किया यूपीए ने!

वास्तव में विपक्ष का एनडीए सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाना किसी गीले पटाखे की तरह टांय-टांय फिस्स हो गया. संपूर्ण देश और मीडया बहुत ही उत्साह से इस अविश्वास प्रस्ताव पर नजरें गड़ाए हुए था कि इस बड़े मंच पर यूपीए या विपक्ष किन मुद्दों के साथ सरकार पर वार करता है. और इन तस्वीरों ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की गंभीरता को भेदते हुए हाल ही में रिलीज हुई रणबीर कपूर स्टारर 'संजू' फिल्म से कहीं ज्यादा मनोरंजन देश की जनता को प्रदान किया. जो भी मुद्दे राहुल गांधी ने उठाए, वो पुराने तो थे ही, उनमें वजन का भी अभाव रहा. और क्या वास्तव में विपक्ष, खासतौर पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरने के लिए होमवर्क किया?

Source:NDTV

July 21, 2018 14:15 UTC


सेनेटरी नैपकिन जीएसटी मुक्त, टीवी-रिफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन सहित 88 सामानों पर टैक्स कम - Navbharat Times Hindi Newspaper

There will be minimal impact of these decisions on revenue collections. 100 items will be impacted by today's decis… https://t.co/rctfuxKQpa — ANI (@ANI) 1532182302000गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स ( जीएसटी ) काउंसिल की 28वीं बैठक कई अहम फैसले लिए गए हैं। सेनेटरी नैपकिन को टैक्समुक्त कर दिया गया है तो टीवी, फ्रीज, वॉसिंग मशीन सहित 88 वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इन बदलावों से 100 से अधिक आइटम्स सस्ते होंगे। बैठक में लिए गए सभी फैसले 27 जुलाई से लागू होंगे।वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बैठक के बाद बताया कि सेनेटरी नैपकिन के अलावा राखी, हैंडीक्राफ्ट, स्टोन, मार्बल और लकड़ी की बनी मूर्तियां, फूल वाली झाड़ू, साल पत्ते पर अब टैक्स नहीं लगेगा। दस्तकारी के छोटे सामानों को टैक्स में राहत दी गई है।टीवी (27 इंच तक), वॉशिंग मशीन, रिफ्रिजरेटर, विडियो गेम्स लिथियम आयन बैट्रीज, वैक्यूम क्लीनर, फूड ग्राइंडर, मिक्सर, स्टोरेज वॉटर हीटर, ड्रायर, पेंट, वॉटर कूलर, मिल्क कूलर, आइसक्रीम कूलर्स, परफ्यूम, टॉइलट स्प्रे को 28 फीसदी टैक्स स्लैब से हटाकर 18 फीसदी टैक्स स्लैब में लाया गया है।वित्त मंत्री ने कहा कि हैंडबैग्स, जूलरी बॉक्स, पेटिंग के लिए लकड़ी के बॉक्स, आर्टवेयर ग्लास, हाथ से बने लैंप पर टैक्स घटाकर 12 फीसदी करने का फैसला किया गया है। बांस से बने सामनों से भी टैक्स 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी किया गया है। निर्माण क्षेत्र के काम आने वाले तराशे हुए कोटा पत्थर, सैंड स्टोन और इसी गुणवत्ता के अन्य स्थानीय पत्थरों पर जीएसटी की दर को 18 से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है।इथेनॉल पर भी टैक्स को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया है। इससे चीनी उद्योग और किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा 1000 रुपये तक के फुटवेयर पर अब 5 फीसदी टैक्स लगेगा, पहले यह राशि 500 रुपये थी। हैंडलूम की दरी पर टैक्स भी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया है। जीएसटी काउंसिल ने छोटे कारोबारियों की सुविधा के लिए फैसला किया है कि सालाना पांच करोड़ रुपये से नीचे के कारोबार करने वाले तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस फैसले से 93 प्रतिशत इकाइयों को सुविधा होगी। तिमाही रिटर्न भी मासिक रिटर्न के जैसा ही भरना पड़ेगा। इसमें बी2सी (व्यवसायी से उपभोक्ताओं को बिक्री) और बी2बी (व्यावसायिक इकाई से व्यवसायिक इकाई को आपूर्ति)+ बी2सी कारोबार करने वाली छोटी इकाइयों के लिये दो साधारण रिटर्न फॉर्म 'सहज' और 'सुगम' तैयार किए गए हैं। असम, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम जैसे राज्यों में व्यापारियों के लिए छूट की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि काउंसिल ने 46 संशोधन कि हैं जिन्हें संसद में पास कराया जाएगा।वित्त मंत्री ने कहा कि इन फैसलों से रेवेन्यू पर बहुत कम असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि टैक्स दरों में बदलाव की वजह से करीब 100 आइटम्स की कीमतों पर असर पड़ेगा। जीएसटी परिषद की अगली बैठक 4 अगस्त को होनी है।

July 21, 2018 14:02 UTC


अगले साल अपना उपग्रह लॉन्च कर सकता है फेसबुक

अरबों लोग जो अभी भी ऑफलाइन हैं, उन्हें कनेक्ट करने की अपनी योजना के तहत फेसबुक अपना खुद का इंटरनेट उपग्रह (सेटेलाइट) 'एथेना' लांच करने की तैयारी कर रही है, जिसे 2019 की शुरुआत में कक्षा में स्थापित किया जाएगा. द वायर्ड की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. एलन मस्क की स्पेस एक्स और सॉफ्टबैंक द्वारा समर्थित वनवेब दो अन्य प्रमुख कंपनियां हैं, जिनकी ऐसी ही महत्वाकांक्षा है. हम मानते हैं कि उपग्रह प्रौद्योगिकी अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड आधारभूत संरचना का एक महत्वपूर्ण आधार होगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी लाने में संभव हो पाएगा. जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी है या अस्तित्व ही नहीं है.गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही फेसबुक ने कहा है था कि वह फर्जी खबरों एवं झूठी सूचनाओं को हटाने की शुरुआत करेगा.

Source:NDTV

July 21, 2018 13:58 UTC


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