De De Pyaar De Box Office Collection Day 9: अजय देवगन की फिल्म का शानदार प्रदर्शन जारी, अब तक का कलेक्शन इतने करोड़

De De Pyaar De Box Office Collection Day 9:अजय देवगन (Ajay Devgn) और तब्बू (Tabu) की 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' का पांचवें दिन भी बॉक्स ऑफिस (De De Pyaar De Box Office Collection) पर अच्छा प्रदर्शन जारी है. अजय देवगन (Ajay Devgn), तब्बू और रकुल प्रीत सिंह की 'दे दे प्यार दे' ने शुक्रवार को 10.41 करोड़, शनिवार को 13.39 करोड़, रविवार को 14.74 करोड़, सोमवार को 6.19 करोड़ रुपये, मंगलवार को 6.10 करोड़, बुधवार को 5.74 करोड़ और गुरुवार को 4.48 करोड़ रुपये कमाए. अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' की कहानी 50 साल के अजय देवगन की है जो अपनी पत्नी से अलग हो चुका है. अजय देवगन को 26 साल की रकुल प्रीत से इश्क हो जाता है. ये भी कह सकते हैं कि वे इस रोल में कहीं मिसफिट लगते हैं 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' का डायरेक्शन बेहद कमजोर है और कहानी भी पटरी से उतरी हुई है.

Source:NDTV

May 25, 2019 05:03 UTC


economy: विदेशी कंपनियों को चीन से भारत लाने और व्यापार घाटा कम करने के लिए मोदी सरकार की रणनीति तैयार - indian strategy ready for attracting foreign companies looking to exist china

भारत ने चीन के बाजार में अपने कृषि उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और दवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। साथ ही, उसने अमेरिका तथा चीन के बीच ट्रेड वॉर के मद्देनजर चीन से अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को हटाने की इच्छा रखने वाली विदेशी कंपनियों को लुभाने के लिए एक ठोस रणनीति को भी अमली जामा पहनाया गया है। विभाग द्वारा तैयार किए गए रणनीतिक दस्तावेज को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु को सौंप दिया गया है।केंद्रीय वाणिज्य विभाग के रणनीतिक दस्तावेज का उद्देश्य चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करना, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलिकॉम, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट और फार्मास्यूटिकल्स के आयात का विकल्प तलाशने के लिए क्षेत्रवार रणनीति तैयार करना है। चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2018 में रेकॉर्ड 63.04 अरब डॉलर रहा है।सितंबर 2017 में मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही प्रभु चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करने को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए खुद दिशा-निर्देश देने का काम कर रहे थे। इस रणनीति का उद्देश्य चीन को निर्यात बढ़ाना और लोकल मैन्युफैक्चरिंग के जरिये आयात कम करना है।टेलिकॉम इंडस्ट्री के विचारों का हवाला देते हुए दूरसंचार विभाग ने कहा कि चीन भारतीय कंपनियों के साथ कई तरह के भेदभाव करता है और उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाता है। उद्योग ने प्रिंटेड सर्किट बोर्ड और कैमरा मॉड्यूल की लोकल मैन्युफैक्चरिंग तथा क्षेत्र के लिए एक रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट फंड तैयार करने का सुझाव दिया है।सोलर पावर के मामले में विभाग ने कहा है कि भारत को प्रतिस्पर्धी बोलियों के जरिये 'रिंगफेंस गवर्नमेंट प्रोक्योरमेंट' तथा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में यहां प्लांस सेटअप करने की जरूरत है।ऑटो कंपोनेंट्स के लिए दस्तावेज में कहा गया है कि यूरोपिय संघ तथा अमेरिकी गुणवत्ता को टक्कर देने वाले स्टैंडर्ड और कॉमन टेस्टिंग फैसलिटिज की स्थापना से स्थानीय उत्पादन को मजबूती मिलेगी।दस्तावेज के मुताबिक, 'अपनी व्यापक आबादी के साथ भारत चीन से अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस हटाने की इच्छा रखने वाली कंपनियों के लिए अच्छा गंतव्य है। साथ ही, भारत में निर्माण को बढ़ाने को लेकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की इच्छा रखने वाली चीनी कंपनियों के लिए भी यह बढ़िया जगह है।' इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर अप्लायंसेज, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल्स, हेल्थकेयर इक्विपमेंट और हेवी इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों की कंपनियां अपनी मैन्युफैक्चरिंग इकाई चीन से हटाकर भारत में लगा सकती हैं।दस्तावेज एशिया पैसिफिक ट्रेड अग्रीमेंट (सात एशियाई देशों के बीच एक समझौता) में टैरिफ में कमी और प्रस्तावित आरसीईपी के जरिये निर्यातकों को समर्थन प्रदान करता है। विभाग के मुताबिक, चीन में भारतीय औषधी कंपनियों को नियामकीय बाधाएं सहनी पड़ती हैं और उन्हें ड्रग रजिस्ट्रेशन के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। उन्हें रजिस्ट्रेशन के वक्त विस्तृत रूप से क्लिनिकल ट्रायल डेटा सौंपने और ड्रग फॉर्म्यूलेशन प्रॉसेस का खुलासा करने के लिए कहा जाता है।इस मामले में मंत्रालय भारत तथा चीन के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के बीच एक इंटरफेस बनाने पर विचार करेगा। इसका उद्देश्य रेग्युलेटरी स्टैंडर्ड्स तथा चीन में डॉजियर्स फाइलिंग की प्रक्रिया पर नियमित रूप से ट्रेनिंग प्रोग्राम करना तथा प्रॉडक्ट रजिस्ट्रेशन में अभी लगने वाले 3-5 साल के वक्त को घटाकर एक साल पर लाना होगा।

May 25, 2019 04:54 UTC


कार्रवाई / दिग्विजय के लिए अनुष्ठान का दावा करने वाले स्वामी वैराग्यानंद को निरंजनी अखाड़े ने हटाया

Dainik Bhaskar May 25, 2019, 11:45 AM ISTवैराग्यानंद ने कहा था- दिग्विजय नहीं जीते तो यज्ञ के स्थान पर ही जिंदा समाधि ले लूंगाकम्प्यूटर बाबा ने भी दिग्विजय के लिए किया था अनुष्ठान, चुनाव आयोग ने दिया था नोटिसनई दिल्ली. दिग्विजय सिंह के लिए यज्ञ-अनुष्ठान करने वाले महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद को निरंजनी अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। वैराग्यानंद ने हाल ही में ही दिग्विजय की जीत के लिए लाल मिर्च से यज्ञ करने का दावा किया था। 23 मई को आए नतीजे में दिग्विजय भाजपा की प्रज्ञा सिंह ठाकुर से 3 लाख 64 हजार वोटों से हार गए थे।वैराग्यानंद ने कहा था- दिग्विजय के लिए पांच क्विंटल लाल मिर्च से दिग्विजय यज्ञ किया जाएगा। उनकी जीत पर मुझे कोई संशय नहीं है। अगर वे नहीं जीते तो उसी जगह उसी कुंड में जिंदा समाधि ले लूंगा।कम्प्यूटर बाबा ने भी किया था दिग्विजय के लिए अनुष्ठानभोपाल के न्यू सैफिया कॉलेज में 7 मई को नामदेव शास्त्री उर्फ कम्प्यूटर बाबा ने प्रदेशभर से आए साधु-संतों के साथ अनुष्ठान किया था। इस कार्यक्रम को धार्मिक कार्यक्रम बताकर संत समागम की अनुमति ली गई थी, लेकिन दिग्विजय के पहुंचने के बाद यह कार्यक्रम राजनीतिक हो गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कम्प्यूटर बाबा को नोटिस जारी किया था। साथ ही कार्यक्रम का पूरा खर्च दिग्विजय सिंह के खाते में जोड़ने का फैसला किया था।शिवराज सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री थे बाबाकम्प्यूटर बाबा शिवराज सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री थे। पिछले साल अक्टूबर की शुरुआत में उन्होंने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सरकार द्वारा गौ मंत्रालय बनाने की घोषणा पर सवाल उठाए थे। साथ ही अलग नर्मदा मंत्रालय बनाने की मांग की थी।

May 25, 2019 04:44 UTC


दिग्‍विजय सिंह के लिए यज्ञ का आयोजन पड़ा भारी, अखाड़े ने दिखाया बाहर का रास्‍ता

नई दिल्‍ली, एएनआइ। महामंडलेश्‍वर स्‍वामी वैराग्‍यानंद को मध्‍यप्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री व कांग्रेस उम्‍मीदवार दिग्‍विजय सिंह के लिए प्रचार करना महंगा पड़ा। दरअसल, दिग्‍विजय सिंह के पक्ष में अनुष्‍ठान और यज्ञ आयोजित करने के एवज में हरिद्वार के निरंजनी अखाड़े ने उन्‍हें निकाल दिया। बता दें कि इस यज्ञ का आयोजन चुनाव प्रचार के दौरान किया गया था। यहां तक कि दिग्विजय सिंह को जिताने के लिए 5 क्विंटल मिर्ची का हवन भी किया गया।अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी ने बताया, महामंडलेश्वर वैराग्‍यानंद गिरी ने दिग्विजय सिंह के नहीं जीतने पर स्वामी वैराग्‍यानंद ने समाधि लेने का दावा किया था। स्वामी ने संकल्प भी लिया था कि अगर दिग्विजय सिंह भोपाल में हारे तो वह जल समाधि ले लेंगे। अब चुनाव परिणाम आने के बाद स्‍वामी नदारद हैं।भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी से दिग्विजय को करारी हार का सामना करना पड़ा है। प्रज्ञा ने उन्हें 3,64,822 वोटों के अंतर से हराया। बता दें कि इस सीट पर भाजपा लंबे समय से चुनाव जीतती आई है। हालांकि, दिग्विजय सिंह के उतरने से इस सीट पर लड़ाई दिलचस्प हो गई थी। साध्वी को इस चुनाव में कुल 8,66,482 और दिग्विजय सिंह को 5,01,660 वोट मिले। प्रज्ञा ठाकुर को इस सीट पर 60 फीसद से भी ज्यादा वोट मिले हैं। बसपा कैंडिडेट माधो सिंह अहिरवार को 11,277 और नोटा को कुल 5,430 वोट मिले हैं।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Monika Minal

May 25, 2019 04:41 UTC


बंगाल-त्रिपुरा में हिंसा, दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या; झड़प में 150 घायल - Dainik Bhaskar

Dainik Bhaskar May 25, 2019, 02:37 PM ISTत्रिपुरा में भाजपा समर्थक की विपक्षी सीपीएम कार्यकर्ताओं ने हत्या कीबंगाल के नादिया में तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ता को घर से बाहर बुलाकर गोली मारीत्रिपुरा सीएम ने कहा- कानून तोड़ा तो बख्शेंगे नहीं, बंगाल भाजपा बोली- तृणमूल को उसी की भाषा में जवाब देंगेकोलकाता/अगरतला. लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद बंगाल और त्रिपुरा में शुरु हुआ हिंसा का दौर थमा नहीं है। पिछले 3 दिनों से दोनों राज्यों के कई शहरों में हिंसक घटनाएं हो रही हैं। इस दौरान दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। दोनों राज्यों में झड़प के दौरान करीब 150 लोग घायल हुए। बंगाल भाजपा ने तृणमूल समर्थकों पर हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि हम जवाब देने के लिए जैसे को तैसा वाली नीति अपनाएंगे। इधर, त्रिपुरा सीएम बिप्लव कुमार देव ने कहा कि चुनाव नतीजे सामने आने के बाद हिंसा फैलाने का चलन वाम दल लेकर आए हैं। लेकिन, हम चेतावनी देते हैं कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।बंगाल में 25 साल के भाजपा कार्यकर्ता की हत्यापश्चिम बंगाल के नादिया जिले में शुक्रवार रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी। घटना शुक्रवार रात को चकदाह इलाके में हुई। 25 साल के संतु घोष कुछ दिन पहले ही तृणमूल का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर यह हत्या करवाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बैरकपुर सीट के कई शहरों में हिंसा हुई। धमाके में एक व्यक्ति की जान गई। पुलिस के मुताबिक, संतु रात करीब 9 बजे घर लौटे थे। कुछ देर बाद दो लोगों ने उन्हें बाहर बुलाया और गोली मारकर फरार हो गए।त्रिपुरा में धारदार हथियारों से भाजपा कार्यकर्ता पर हमलात्रिपुरा के फटिकछेड़ा में शुक्रवार को विपक्षी दल सीपीएम के समर्थक सदन देबनाथ ने अपने भाइयों के साथ मिलकर भाजपा कार्यकर्ता मिथू और उनके भाई संजीव पर धारदार हथियारों से हमला किया। मिथू की मौत हो गई। संजीव को अगरतला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक है।तृणमूल को उसी की भाषा में जवाब देंगे: भाजपा प्रदेश अध्यक्षभाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल के गुंडे विपक्ष के नेताओं और उम्मीदवारों पर लगातार हमला कर रहे हैं। ममता बनर्जी की पार्टी हार स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्हें नतीजों को सही भावना के साथ देखना चाहिए। अगर तृणमूल हिंसा को धमकाने के लिए इस्तेमाल कर रही है और हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला जारी रखे तो हम भी उसी तरह जवाब देंगे।नतीजों के बाद हिंसा का चलन वाम दलों ने शुरू किया- बिप्लव देवत्रिपुरा सीएम बिप्लव देव ने कहा- मैंने सत्ताधारी भाजपा कार्यकर्ताओं और विपक्षी सीपीएम को स्पष्ट कर दिया है कि किसी तरह की हिंसा में शामिल ना हों। राज्य सरकार शांति और व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह किसी भी राजनीति से ऊपर है। वाम दलों ने 1992 से नतीजों के बाद हिंसा फैलाने का चलन शुरू किया है। लेकिन, हम किसी को भी बख्शेंगे नहीं।त्रिपुरा की 2 सीटों पर भाजपा जीती, बंगाल में 2 से 18 तक पहुंचीबंगाल में इस बार भाजपा को 18 सीटों पर जीत हासिल मिली। वहीं, 2014 में भाजपा को सिर्फ दो पर जीत मिली थी। तृणमूल ने 2014 में 34 सीटें जीती थीं। इस बार उसे 22 पर जीत मिली। वहीं त्रिपुरा की दोनों लोकसभा सीट इस बार भाजपा ने जीती हैं। पिछली बार ये सीटें सीपीएम के पास गई थीं।

May 25, 2019 04:37 UTC


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