CCI approves ArcelorMittal's acquisition of Essar Steel

The Competition Commission has approved the acquisition of debt-ridden Essar Steel by a consortium of ArcelorMittal and Japan's Nippon Steel & Sumitomo Metal Corporation. Earlier this month, ArcelorMittal had offered Rs 42,000 crore to acquire Essar Steel, upstaging a Rs 37,000 crore bid by Russia's VTB Group-backed Numetal.ArcelorMittal and Numetal are in the race to acquire Essar Steel, currently undergoing insolvency proceedings as it owes more than Rs 45,000 crore to over 30 banks. "@CCI_India finds no appreciable adverse effect on competition in respect of ArcelorMittal and Nippon Steel & Sumitomo Metal's proposed acquisition of Essar Steel," the fair trade regulator said in a tweet Thursday.Deals beyond a certain threshold are required to get clearance from the Competition Commission of India (CCI).According to the notice submitted to the CCI, the proposed combination is pursuant to a resolution plan filed by ArcelorMittal India before the resolution professional for the acquisition of Essar Steel in accordance with the provisions of the Insolvency and Bankruptcy Code.The acquisition of Essar Steel is proposed to be undertaken through multiple steps, which will be taken after and subject to obtaining requisite approvals of the Committee of Creditors and the National Company Law Tribunal (NCLAT) under the Code, as per the notice.ArcelorMittal India is an arm of ArcelorMittal, the world's leading steel and mining company with a presence in 60 countries and an industrial footprint in 18 nations.In a separate tweet Thursday, the CCI said it "finds no appreciable adverse effect on competition in respect of JSW Steel's proposed acquisition of Bhushan Power & Steel".Through the proposed combination, JSW proposes to acquire 100 per cent of the equity shareholding and management control of Bhushan Power and Steel, according to the notice given by JSW Steel to the CCI.

September 20, 2018 13:07 UTC


''वापसी चाहते हो तो नाइट शिफ्ट में नहीं करूंगी काम"- दयाबेन ने 'तारक मेहता...' में फिर से आने के लिए मेकर्स के सामने रखी कई और शर्तें

एंटरटेनमेंट डेस्क. कुछ दिन पहले खबरें आई थी कि यानी दयाबेन 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो में वापसी कर रही हैं। अब एक्ट्रेस ने कंफर्म कर दिया है कि वे शो में कमबैक कर रही हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया- 'शो के लिए मैं हमेशा लॉयल रहूंगी। मैंने मैटरनिटी लीव ली थी, शो नहीं छोड़ा था'। दयाबेन के फैंस के लिए ये अच्छी खबर है। हालांकि, ऐसा सुनने में आ रहा है कि उन्होंने वापस आने के लिए लंबी-चौड़ी शर्तों की लिस्ट मेकर्स के सामने रखी है। खबरों की मानें तो उन्होंने शर्त रखी है कि उनकी फीस बढ़ाई जाए, वे नाइट शिफ्ट में काम नहीं करेंगी और महीने में सिर्फ 15 ही दिन काम करेंगी। इसके अलावा दिशा ने और भी कुछ मांगे रखी हैं।एक साल बाद करेंगी शो में वापसीदिशा के न होने पर मेकर्स ने स्टोरीलाइन में कई चेंज किए। लेकिन, अब वे और ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहते इसलिए उन्होंने दिशा से वापस आने के लिए कहा। चूंकि 'दयाबेन' शो की फेमस कैरेक्टर हैं, इसलिए उसे आसानी से किसी दूसरी एक्ट्रेस से रिप्लेस भी नहीं कर सकते।- यहीं वजह थी कि चैनल और प्रोड्यूसर असित मोदी, दिशा के वापस आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन वे अभी वापस आने के लिए तैयार नहीं थी क्योंकि पर्सनल लाइफ को वे ज्यादा टाइम देना चाहती थी।- मेकर्स द्वारा काफी रिक्वेस्ट के बाद उन्होंने वापसी के लिए हां कह दी है।दयाबेन ने रखी वापसी की शर्तेंमैटरनिटी लीव पर जाने से पहले दिशा हर एपिसोड का 1.25 लाख रुपए लेती थी। अब उन्होंने 20% ग्रोथ की डिमांड रख दी जो कि 1.50 लाख रुपए होती है। उन्होंने मेकर्स के सामने शर्त रखी कि वे शाम 6 बजे के बाद काम नहीं करेंगी। वे सुबह 11 से शाम को 6 बजे तक की शिफ्ट में काम करेंगी। शुरुआत के कुछ महीनों में वे नाइट शिफ्ट भी नहीं करेंगी। अगर टीम नाइट शिफ्ट में काम करना चाहती है तो उन्हें इसके लिए दो दिन पहले बताना होगा। इतना ही नहीं वे महीने में 15 दिन ही काम करेंगी जबकि दूसरे एक्टर्स 22-25 दिन काम कर रहे हैं। मेरक्स ने उनकी सभी शर्तों को मान लिया है।नवरात्रि से लेंगी एंट्रीआपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही दिशा ने शो में एंट्री का सीक्वेंस शूट किया था, जिसमें वे जेठालाल, बापूजी से बात करती दिखाई दे रही हैं। वे नवरात्रि के समय शो में पूरी तरह से एंट्री लेंगी।

September 20, 2018 13:07 UTC


छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को झटका, अजित जोगी की पार्टी के साथ चुनाव लड़ेंगी मायावती

अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस (छत्तीसगढ़-जे) और मायावती की बीएसपी के बीच गठबंधन हुआ है और वे दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे. इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि बसपा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है.बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बसपा 35 और जनता कांग्रेस पार्टी 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बता दें कि छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद अपनी पार्टी का गठन किया था. उनका तथा अजीत जोगी दोनों का ही मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की उपेक्षा को दूर करने के लिए एक मजबूत क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और नेतृत्व की आवश्यकता है,AdvertisementBJP has been in power in Chhattisgarh for past 15 years. जोगी ने कहा कि बसपा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का छत्तीसगढ़ में मजबूत जनाधार है.

Source:NDTV

September 20, 2018 12:47 UTC


Vijaya-Dena & Bank of Baroda merger to beneficial in the long term: Ind-Ra

Mumbai: Rating agency Fitch said the merger of Bank of Baroda Vijaya Bank and Dena Bank could bring about material operating efficiencies over time reducing the combined operating costs, lower funding cost and strengthened risk management practices on a consolidated basis. Ind-Ra the subsidiary of Fitch in its research report said that the merger can also address the asset-liability mismatch of Vijaya and Dena Bank on a consolidated level.According to Ind-Ra the success of the proposed merger can be a road map for further consolidation in the public sector as the impact of incremental capital ask from the government might result in stronger internal accruals. While, BoB’s portfolio is more diversified across industries, Dena and Vijaya are infrastructure heavy (9%, 22% and 25% of the portfolio, respectively).In terms of branch presence, the overlap between BoB and Dena is higher, particularly in Gujarat . On the downsizing side of the operations, as per Ind-Ra’s analysis, the top 12 banked districts in the country (42% of total deposits and 55% of total credit) have 13% of the banking system’s branches. It has found that for the consolidated entity (with about 9,500 branches), 16% of the branches are in these districts and due to deposit concentration, the scope of decreasing the number of branches in these densely populated districts could be moderate particularly in Ahmedabad , Mumbai, Thane and Pune .

September 20, 2018 12:45 UTC


Tags
Cryptocurrency      African Press Release      Lifestyle       Hiring       Health-care

Loading...