पाकिस्तान / रिपोर्ट में दावा- जैश सरगना मसूद अजहर रावलपिंडी के आर्मी हॉस्पिटल में हुए धमाके में जख्मी

रिपोर्ट्स में दावा- मसूद अजहर किडनी के इलाज के लिए सेना के अस्पताल में भर्ती थासेना और सरकार ने घटना पर कोई बयान नहीं जारी कियामीडिया को रिपोर्टिंग से रोका गया, किसी को अस्पताल में जाने की इजाजत नहींDainik Bhaskar Jun 25, 2019, 05:08 PM ISTरावलपिंडी. यहां सेना के सबसे बड़े अस्पताल में सोमवार को हुए धमाके में 10 लोग घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि घायलों में जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर भी शामिल है। अजहर इसी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती था। पाकिस्तान सरकार और सेना ने इस बारे में अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है।सामाजिक कार्यकर्ता ने शेयर किया वीडियोपाकिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता अहसान उल्लाह मिखाइल ने अपने ट्विटर हैंडल पर घटना का एक वीडियो शेयर किया है। अहसान ने लिखा, “पाकिस्तानी सेना के रावलपिंडी स्थित अस्पताल में बड़ा धमाका। 10 लोग घायल हुए। जैश का सरगना मसूद अजहर भी इसी अस्पताल में भर्ती था। मीडिया को सख्त आदेश कि इस घटना के बारे में कोई खबर न चलाएं।” कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अस्पताल के आसपास सेना का सख्त पहरा है और किसी भी अनजान शख्स को वहां जाने की इजाजत नहीं है। खासतौर पर मीडिया को घटनास्थल से दूर रखा जा रहा है। कुछ यूजर्स ने भी घटना के वीडियो शेयर किए हैं।Huge #blast at Military Hospital in #Rawalpindi, #Pakistan. 10 injured shifted to emergency. Jaish-E-Mohammad Chief Maulana Masood Azahar is admitted here.Completely Media blackout by Army. Media asked Strictly not to cover this story@a_siab @nidkirm @GulBukhari @mazdaki pic.twitter.com/sTIYrJ7sAn — Ahsan Ullah MiaKhail (@AhsanUlMiakhail) June 23, 2019रावलपिंडी में ही पाक सेना का मुख्यालयरावलपिंडी में ही पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय है और यहीं उसका सबसे बड़ा अस्पताल भी है। पहले भी इस तरह की खबरें आती रही हैं कि मसूद अजहर की किडनी की बीमारी का इलाज इसी सैन्य अस्पताल में चल रहा है और वो अकसर यहां डायलिसिस के लिए आता रहता है। हालांकि, ये अब तक साफ नहीं हो सका है कि धमाके की वजह क्या थी।

June 25, 2019 10:08 UTC


In order to start a new business, in just 59 minutes, the loan of Rs 5 crore, the RBI recommends

कुलदीप सिंगोरिया. नई दिल्लीआपके पास जीएसटीएन नंबर नहीं है। आपके पास पैन कार्ड भी नहीं है। तब भी नया उद्योग शुरू करने के लिए सरकार आपको पांच करोड़ रुपए तक कर्ज मुहैया करा सकती है। लघु, मध्यम और छोटे उद्योगों (MSME) में सुधार के लिए गठित की गई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) की समिति ने इसकी सिफारिश की है। मंगलवार को आरबीआई ने रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में समिति ने छोटे उद्योगों के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का फंड (stressed asset fund) बनाने का भी सुझाव दिया है। समिति ने एमएसएमई सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए बीमा कवरेज की जरूरत बताई है।टेक्सटाइल अपग्रेडेशन फंड स्कीम जैसी योजना एमएसएमई के लिए भी बनेसेबी के पूर्व अध्यक्ष यूके सिन्हा की अध्यक्षता वाली इस समिति ने एमएसएमई सेक्टर में आमूलचूल बदलाव की सिफारिश की है। समिति ने उद्योगों के बंद होने का कारण प्लास्टिक पर प्रतिबंध और डंपिंग जैसी कई दिक्कतों को बताया है। लिहाजा इन उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए टेक्सटाइल अपग्रेडेशन फंड स्कीम की तरह नई व्यवस्था लाए जाने का अहम सुझाव दिया है।PSBLoansIn59Minutes का बढ़ना चाहिए दायरासमिति का मानना है कि 59 मिनट में लोन जैसी स्कीम अच्छा कदम है। इसलिए इसकी सीमा एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए की जानी चाहिए। इस स्कीम के तहत नए उद्यम स्थापित करना जरूरी है। लिहाजा यह ध्यान देना जरूरी है कि जिनके पास जीएसटी, इंकम टैक्स रिटर्न जैसे दस्तावेज नहीं है, उन्हें भी दायरे में लाने का प्रावधान किया जाए। 7 से 10 दिनों के भीतर आवेदन का निपटारा होना चाहिए। मुद्रा और स्टार्टअप इंडिया जैसी स्कीमें भी PSBLoansIn59Minutes.com पोर्टल पर होनी चाहिए। गौरतलब है कि 2 नवंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह पोर्टल लांच किया था।यह भी पढ़ें : नई पीढ़ी के अरमान, नौकरी की बजाय बिजनेस कर खूब कमाए पैसे, समाज को पे बेक करने में भी दिलचस्पीसिडबी का विस्तार करने की जरूरतसमिति ने एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए जिम्मेदार शीर्ष संस्था सिडबी की भूमिका का विस्तार करने की भी सिफारिश की। सिडबी को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (एमएफआई) जैसे निजी ऋणदाताओं को नियंत्रित करना चाहिए। पिछड़े जिलों और क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए क्रेडिट बाजारों की पहुंच आसान करने में सिडबी का काम करना चाहिए। सिडबी को कर्ज के अतिरिक्त नए उपायों के जरिए उद्योगों को पैसा जुटाने में मदद करनी चाहिए।

June 25, 2019 10:06 UTC


राजस्थान / कर्मचारी चयन बोर्ड ने विभिन्न विभागों में 11 भर्ती परीक्षाओं को किया स्थगित, फिर जारी होंगी संशोधित भर्तियां

चयन बोर्ड के अध्यक्ष बीएल जाटावत की ओर से जारी की गई विज्ञप्तिअब दोबारा मांगे जाएंगे आवेदन, विभाग की वेबसाइट पर जारी होगी सूचनाDainik Bhaskar Jun 25, 2019, 03:32 PM ISTजयपुर. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए इस वर्ष जुलाई माह में आयोजित होने वाली 11 परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। इस संबंध में मंगलवार को कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष बीएल जाटावत की ओर से विज्ञप्ति जारी की गई है।जानकारी के अनुसार ये सभी 11 भर्ती परीक्षाएं जुलाई माह में आयोजित होने वाली थी। इनमें 6 जुलाई 2019 को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, राजस्थान में फार्मासिस्ट भर्ती तथा 6 जुलाई को ही माध्यमिक शिक्षा विभाग में पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-थर्ड, शासन सचिवालय, आरपीएससी व प्रशासनिक सुधार विभाग के माध्यम से राज्य सरकार के अधीनस्थ विभागों/कार्यालयों के लिए 14 जुलाई को होने वाली शीघ्रलिपिक भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।इसी तरह कौशनल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग (प्राविधिक शिक्षा प्रशिक्षण) राजस्थान में 20 जुलाई को कनिष्ठ अनुदेशक (मैकेनिक डीजल इंजिन) तथा 20 जुलाई को कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स मैकेनिक) तथा 21 जुलाई को कनिष्ठ अनुदेशक (मैकेनिक रेफ्रीजरेशन एंड एयर कंडीशनर) 21 जुलाई को कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमैन) को भी निरस्त कर दिया।इसके अलावा अन्य परीक्षाओं जिनमें 27जुलाई को कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला गणना व विज्ञान), उद्योग विभाग में 27 जुलाई को हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग विभाग) 28 जुलाई को लवण निरीक्षक (उद्योग विभाग) तथा कृषि विभाग में अन्वेषक के पद पर 28 जुलाई को होने वाली भर्ती परीक्षा को भी निरस्त कर दिया गया।जाटावत ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा 19 फरवरी 2019 को जारी अधिसूचना द्वारा आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण एवं विधि विभाग द्वारा आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया जा चुका है।ऐसे में उक्त अधिसूचनाएं लागू होने की तिथि के समय प्रक्रियाधीन भर्तियों में उक्त अधिसूचनाओं के आधार पर अति पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों को आरक्षण का लाभ दिए जाने के लिए राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा 23 जून 2019 द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किए गए है।अत: उपरोक्त भर्तियों के पदों के लिए संशोधित विज्ञापन जारी करके सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों से पुन: आवेदन मांगे जाएंगे। जिसके लिए चयन बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट www.rsmssb.rajasthan.gov.in एवं समाचार पत्रों में विज्ञप्तियां जारी कर सूचना दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि जिन अभ्यर्थियों द्वारा पूर्व में आवेदन किया जा चुका है। उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरुरत नहीं होगी। ऐसे अभ्यर्थियों से श्रेणी परिवर्तन सहित अन्य किसी सूचना/दस्तावेज/प्रमाण पत्र की आवश्यकता होने पर उन्हें अवसर एवं समय प्रदान किया जाकर प्राप्त कर लिए जाएंगे।

June 25, 2019 09:56 UTC


ICC World Cup 2019: शाकिब अल हसन ने कहा, भारत को हराने में सक्षम है बांग्लादेश

साउथैंप्टन,पीटीआइ। ICC World Cup 2019: अफगानिस्तान को हराकर बांग्लादेश ने सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी जगह को बरकार रखी है। बांग्लादेश का अगला मुकाबला अब भारत से होगा। इस मैच को लेकर बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने कहा है कि उनकी टीम भारत को हराने में सक्षम है। हमें भारत के खिलाफ उलटफेर और सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए हमें अपना बेस्ट देना होगा। बता दें कि शाकिब ने अफगानिस्तान के खिलाफ अर्धशतक जड़ा और पांच विकेट भी हासिल किया। इस जीत के साथ बांग्लादेश की टीम अकंतालिका में पांचवे स्थान पर पहुंच गई। बांग्लादेश को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बाकि बचे दोनों मैच जीतने होगें।शाकिब ने कहा, 'भारत टॉप की टीम है, जो विश्व कप टाइटल की दावेदार है। हमारे लिए यह मैच आसान नहीं होने वाला है। हमारे पास अनुभव है, जिससे मदद मिलेगा। भारत के पास ऐसे वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं, जो अकले मैच जिता सकते हैं। हम अपना बेस्ट क्रिकेट खेल कर भारत को हरा सकते हैं और मेरा मानना है कि ऐसा करने में हम सक्षम है।' बता दें कि इससे पहले विश्व कप 2015 के क्वाटर फाइनल में बांग्लादेश की टीम ने भारत को अच्छी टक्कर दी थी। उसे पहले 2007 में बांग्लादेश विश्व कप में भारत को हरा चुकी है।दरअसल, इस विश्व कप में नंबर चार के लिए फिलहाल चार टीमें दौड़ में शामिल हैं। इसमें इंग्लैंड, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल है। इन सबको सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अपने बाकि मैच किसी भी कीमत में जीतने पड़ेंगे। बांग्लादेश की टीम ने इस विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद की जा सकती है।इसके अलावा आप लाइव अपडेट और मैच से जुड़ी रोचक खबरें dainikjagran.com पर पढ़ सकते हैं।जागरण ऐप पर शुरू हो गया है क्रिकेट क्विज कांटेस्ट । रोज जीत सकते हैं स्मार्ट फोन। आज से ही हिस्सा लें। डाउनलोड करें जागरण ऐप।Andrioid फोन पर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।Iphone पर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Rajat Singh

June 25, 2019 09:47 UTC


Bike bot कंपनी का एडिशनल डायरेक्टर गिरफ्तार, लोगों को प्रलोभन देकर कराता था निवेश Noida News

नोएडा, जेएनएन। Bikebot Ponzi scheme: पौंजी स्कीम में लोगों को घर बैठे करोड़ों कमाने का सपना दिखाकर ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त विनोद कुमार चौहान गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लि0 (बाइक बोट) में वर्ष 2017 से कार्य कर रहा था और कंपनी में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर भी कार्यरत था।विनोद कुमार चौहान पर कम्पनी से 20 लाख रूपये से अधिक का कमीशन और एक लक्ज़री कार भी मिल चुकी है। अभियुक्त निवेशकों को फर्जी कंपनी का मैमोरेन्डम बताकर प्रलोभित कर, झूठे लाभ का आश्वासन देकर धन का निवेश कराता था। बता दें कि बाइक बोट कंपनी ने ढाई लाख निवेशकों से अरबों की ठगी की है।इससे पहले बाइक बोट कंपनी के फ्रेंचाइजी हेड विजय पाल कसाना को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि कंपनी के मालिक संजय भाटी ने गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय में समर्पण किया था।क्या है पूरा मामला? पौंजी स्कीम के तहत करीब आठ लाख लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का अनुमान है। इस स्कीम का जाल दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत अन्य कई राज्यों में फैला था। बता दें कि दनकौर कोतवाली क्षेत्र के चिती गांव निवासी संजय भाटी जीआइपीएल बाइक बोट के नाम से पोंजी स्कीम चलाता है। इसके तहत एक वर्ष में निवेशकों का पैसा दो गुना करने का प्रावधान था।इस गोरखधंधे की शुरुआत करीब तीन वर्ष पहले मेरठ से हुई थी। इस स्कीम में पुराने निवेशक को तीन और नए निवेशक जोड़ने पर प्रति बाइक तीन हजार रुपये का प्रलोभन दिया गया था। आरोपितों के झांसे में आकर भारी संख्या में लोग बर्बाद हो गए।करोड़ों की ठगी अनुमानबाइक बोट कंपनी के निवेशकों का दावा है कि निवेशकों की संख्या ढाई लाख से सात लाख तक पहुंच सकती है। यह घोटाला 1400 करोड़ से बढ़कर 4200 करोड़ तक पहुंच सकता है। पुलिस जांच में घोटाले की कई परतें खुल रही है। पुलिस की तरफ से ईडी को लिखे गए पत्र में भी कहा गया है कि वह इस मामले में जांचकर संपत्ति का कुल आंकलन करें। जिससे कि घोटाले की स्पष्ट रकम का पता लगाया जा सके।दिल्ली-NCR की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंलोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Mangal Yadav

June 25, 2019 09:47 UTC


oppo find y: Oppo in-display camera smartphone to launch on june 26 - Oppo ला रहा इन-स्क्रीन कैमरे वाला दुनिया का पहला फोन, 26 जून को होगा लॉन्च

For those seeking the perfect, notchless smartphone screen experience – prepare to be amazed. 📲 You are taking a v… https://t.co/FLlmJr4lEb — OPPO (@oppo) 1559533848000मोबाइल बनाने वाली चीन की कंपनी ओप्पो (Oppo) कल यानी 26 जून को इन-स्क्रीन कैमरे वाला स्मार्टफोन लॉन्च करेगी। यह फोन मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2019 शंघाई में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने एक विडियो भी रिलीज किया है, जिसमें फोन की फ्रंट फेस कैमरा हाउसिंग टेक्नॉलजी दिखाई गई है। यह फोन कंपनी के फोन ओप्पो फाइंड X का सक्सेसर होगा। कंपनी ने इसे ओप्पो फाइंड Y ( Oppo Find Y ) नाम दिया है। हालांकि, इस बारे में कंपनी ने कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।इससे पहले भी कंपनी ने ट्विटर पर 15 सेकंड का एक विडियो पोस्ट किया था। विडियो में फोन के फ्रंट पैनल का ऊपरी हिस्सा दिखाई देता है। विडियो में फोन में फ्रंट कैमरा नजर नहीं आता। फोन में सेल्फी कैमरा ऐक्टिवेट होते हुए दिखाया गया है।विडियो में यह साफ नहीं किया गया है कि इस मॉडल का नाम क्या है, लेकिन माना जा रहा है कि यह ओप्पो फाइंड X का सक्सेसर ओप्पो फाइंड Y है। ओप्पो फाइंड X में कई इनोवेटिव फीचर मौजूद थे। इस फोन के फीचर भी फाइंड X से मिलते जुलते ही होंगे।वहीं शाओमी ने भी घोषणा की है कि कंपनी जल्द ही अंडर स्क्रीन कैमरा टेक्नॉलजी के साथ फोन लाने वाली है। कंपनी का दावा है कि कंपनी की अंडर डिस्प्ले कैमरा तकनीक स्मार्टफोन्स में फुल व्यू के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

June 25, 2019 09:46 UTC


अमेरिका / ट्रम्प ने यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के लिए कहा- वह मेरे टाइप की नहीं

Dainik Bhaskar Jun 25, 2019, 03:20 PM ISTवॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ऊपर लेखिका ई जीन कैरोल द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को एक बार फिर खारिज कर दिया। ट्रम्प ने कहा कि मैंने उसका यौन शोषण नहीं किया था, क्योंकि वह मेरे टाइप की नहीं है। एले मैग्जीन की कॉलमिस्ट कैरोल ने आरोप लगाया था कि 90 के दशक के मध्य में ट्रम्प ने एक क्लोदिंग स्टोर के ड्रेसिंग रूम में उनका यौन शोषण किया था।ट्रम्प ने "द हिल' को दिए एक इंटरव्यू में कहा- कैरोल झूठ बोल रही हैं। पहली बात कि वह मेरे टाइप की नहीं हैं और दूसरी बात कि ऐसा कभी नहीं हुआ। यह कभी नहीं हुआ, ठीक है? अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- कैरोल पूरी तरह झूठ बोल रही हैं। मैं उनके बारे में कुछ भी नहीं जानता हूं। यह एक बहुत ही डरावनी बात है कि लोग इस तरह के बयान देते हैं। मैं उसके बारे में कुछ नहीं जानता।इससे पहले सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कैरोल ने कहा था- ट्रम्प ने मुझे दीवार की ओर इतनी जोर से धक्का दिया था कि मेरा सिर उससे बुरी तरह टकरा गया। मैनहट्टन के बर्गडॉर्फ गुडमैन स्टोर के फिटिंग रूम में मैं ट्रम्प के आक्रामक व्यवहार का प्रतिकार करने की कोशिश कर रही थी।कैरोल ने कहा कि यह घटना 1995 के अंत या फिर 1996 की शुरुआत में हुई थी। ट्रम्प ने मुझसे एक ड्रेस पहनने के लिए कहा था, वह उस ड्रेस को खरीदना चाहते थे। तब उनका विवाह मार्ला मेपल्स से हुआ था।कैरोल ने बताया- जैसे ही उन्होंने दरवाजा बंद किया, मेरा सिर बुरी तरह दीवार से टकराया। मैं चाहती हूं कि महिलाएं यह जान लें कि मैं वहां खड़ी नहीं रही। मैं जड़ नहीं हो गई थी, मुझे लकवा नहीं मार गया था। यह प्रतिक्रिया केवल इसलिए थी कि यह घटना बेहद चौंकाने वाली थी और मैं लड़ी थी।

June 25, 2019 09:38 UTC


Tags
Cryptocurrency      African Press Release      Lifestyle       Hiring       Health-care       VMware

Loading...