150 साल बाद ऐसा चंद्रग्रहण, ज्योतिषी जता रहे हैं इस बात की आशंका

3 /4 इसलिए दिखेगा ग्रहण के समय ब्लडमूनसदी का यह सबसे लंबा चंद्रग्रहण भारत के अलवा ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोपीय देशों व अंर्टाकटिका में भी देखा जा सकेगा। इस साल यह दूसरा मौका होगा जब ग्रहण के समय ब्लड मून दिखेगा। खगोलविद् बताते हैं कि ‘ब्लड मून’ इसके रंग की वजह से कहा जाता है। चंद्रग्रहण के समय जब सूरज और चांद के बीच पृथ्वी आती है तो सूरज की रोशनी रुक जाती है। पृथ्वी के वातावरण की वजह से रोशनी मुड़कर चांद पर पड़ती है और इस वजह से यह लाल नजर आता है। जब पूर्ण चंद्रग्रहण होता है तभी ब्लड मून होता है। इस समय चांद बेहद खूबसूरत लगता है।

July 22, 2018 13:52 UTC


Tags
Cryptocurrency      African Press Release      Lifestyle       Hiring

Loading...