गोरखपुर के डॉक्टर कफील बहराइच के अस्पताल से गिरफ्तार

NDTV से बात करते डॉक्‍टर कफील खान (फाइल फोटो)गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज से बर्खास्त डॉक्टर कफील को पुलिस ने शनिवार को बहराइच जिला अस्पताल में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधीक्षक सभाराज सिंह ने बताया कि शनिवार को जनपद बहराइच के जिला अस्पताल से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति अस्पताल के वार्ड में घुसकर मरीजों की चिकित्सा में अव्यवस्था फैला रहा है एवं डॉक्टरों से नोंकझोंक कर रहा है.सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर प्रेम प्रकाश पांडे द्वारा मौके पर पहुंचकर चिकित्सा में व्यवधान डालने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया. एसपी ने बताया कि नाम पता पूछने पर गिरफ्तार व्यक्ति ने अपना नाम डॉ. कफील बताया जो गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की सेवा से बर्खास्त हो चुके हैं.अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि कफील अस्पताल में पत्रकारों को बुलाकर प्रेस वार्ता करना चाह रहे थे जिस पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मना किया था लेकिन वह नहीं माने तब उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. Advertisementगौरतलब है कि ये वही डॉक्टर कफील हैं जिन्हें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गत वर्ष ऑक्सीजन की कमी से हुयी बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया था.

Source:NDTV

September 22, 2018 18:22 UTC


व्यापम की जड़ों का रहस्य खुल जाए तो मुझे बहुत खुशी होगी: उमा भारती

नईदुनिया, भोपाल। व्यापम घोटाले को लेकर केंद्रीय मंत्री उमा भारती एक बार फिर मुखर हैं। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा कि बदला लेने के लिए उनका नाम व्यापम घोटाले से जोड़ा गया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व्यापम घोटाले की एक नए तरीके से जांच करवाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं स्वयं यह जानने के लिए बेचैन हूं कि मार्च 2014 से मेरा नाम इस घोटाले के साथ कैसे जुड़ गया। उन्होंने कहा कि जो भी इस असलियत को खोलेगा, वो मुझे एक बहुत बड़ी राहत देगा।उमा भारती ने शनिवार दोपहर एक बजे के बाद सात ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी होगी कि व्यापम की जड़ें कहां तक थीं, इसका रहस्य खुल जाए। उन्होंने कहा कि 2013 में मैंने ही तो सबसे पहली बार इस घोटाले को घिनौना बताते हुए सीबीआइ जांच का सुझाव मप्र सरकार को दिया था। किसी बेकसूर व्यक्ति का नाम फर्जी तरीके से जोड़ने के लिए यह घिनौनी हद तक शरारत है।उन्होंने कहा कि इस मामले की प्राथमिक जांच इंदौर क्राइम ब्रांच ने की है। एसटीएफ और सीबीआइ बाद में जुड़े हैं। उन्होंने सेंट किट्टस का मामला याद दिलाते हुए कहा कि बोफोर्स की बदनामी का बदला लेने के लिए वीपी सिंह के बेटे अजय सिंह को फर्जी तरीके से घोटाले से जोड़ दिया था। जब असलियत सामने आई तो कांग्रेस को शर्मिदगी के सिवाय कुछ नहीं मिला।Posted By: Ravindra Pratap Sing

September 22, 2018 16:30 UTC


ऑस्ट्रेलिया फुटबॉल टीम का ये दिग्गज खिलाड़ी है विराट कोहली का फैन

कोलकाता। ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल टीम के दिग्गज खिलाड़ी टिम काहिल भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के प्रशंसक है और उनका मानना है कि इस क्रिकेटर ने अपने खेल में नई ऊंचाइयों को छुआ है। काहिल का इंडियन सुपर लीग (आइएसएल) के आगामी सत्र के लिए जमशेदपुर एफसी से करार हुआ है।उन्होंने कहा, 'मैं क्रिकेट से प्यार करता हूं। बिना किसी संदेह के मेरा सर्वकालिक पसंदीदा क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर है लेकिन अब मैं विराट कोहली का प्रशंसक हूं क्योंकि मैं उनकी कहानी से प्रेरित हुआ कि उन्होंने किन हालातों में यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कड़ी मेहनत की है। वह विनम्र हैं। उन्होंने बहुत त्याग किया है और बहुत प्रतिबद्ध हैं। मैं सोशल नेटवर्किंग साइट पर उन्हें फॉलो करता हूं। वह एक अच्छा उदाहरण है।' पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली काहिल के अच्छे दोस्त है। उन्होंने कहा, 'वह मेरा करीबी दोस्त है। अब मैं भारत में फुटबॉल खेलूंगा। मेरे पास भारतीय फुटबॉल के लिए कई सुझाव हैं। मैंने यहां खेल रहे कई विदेशी क्रिकेटरों के बारे में सुना है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत में अच्छी युवा प्रतिभाएं हैं।'क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करेंखेल की खबरों के लिए यहां क्लिक करेंPosted By: Sanjay Savern

September 22, 2018 16:18 UTC


छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में अपने हिस्से की सीट मांग रही बसपा

शशिकांत ओझा, रायपुर। छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक गुणा गणित का खेल प्रारंभ हो चुका है। बनते बिगड़ते समीकरणों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ व मायावती की बहुजन समाज पार्टी के बीच चुनावी गठजोड़ हो चुका है। राज्य की 90 सीटों में जोगी के हिस्से 55 तो मायावती के हिस्से 35 सीट आई हैं। बसपा अपनी 35 सीटों की दावेदारी राज्य के 27 में से महज 11 जिलों में कर रही है। इन 11 जिलों में विधानसभा की कुल 51 सीटें हैं।अजीत जोगी के हिस्से में हैं 55, तो मायावती के हिस्से में 35 सीटेंबहुजन समाज पार्टी राज्य में इस बार पूरी ताकत से विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाना चाहती है। पार्टी ने संगठन स्तर पर बड़ी मेहनत भी की है, ऐसे में जब अजीत जोगी की पार्टी से चुनावी गठजोड़ हुआ है तो पार्टी इसका भरपूर लाभ उठाना चाहती है। संगठन का कार्य कर रहे वरिष्ठ नेताओं ने राज्य की 11 जिलों का चयन किया है, जहां पार्टी का जनाधार मजबूत माना जाता है। पार्टी अपने कोटे के 35 सीट इन्हीं जिलों में मांग रही है।इन जिलों की सीटों पर बसपा का दावाजकांछ के साथ सीट बंटवारे में बसपा अपने कोटे की सीट जहां लेना चाहती है, उनमें जांजगीर, बिलासपुर, कोरबा, बलौदाबाजार, रायगढ़, बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, बस्तर व सरगुजा शामिल हैं। इन जिलों में विधानसभा की कुल 51 सीटें हैं। पार्टी के नेताओं का दावा है कि पार्टी इन जिलों में अपने सभी 35 उम्मीदवारों को जिताकर सदन में भेज सकती है। नेताओं का यह भी कहना है कि ऐसा नहीं है, इन 11 जिलों से बाहर वे उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। गठबंधन धर्म की मजबूरी हुई तो कुछ सीटों पर परिवर्तन किया जा सकता है, पर प्राथमिकता इन जिलों में ही है।जोगी के करीबी कांग्रेस नेताओं की सीट भी बसपा के खाते मेंजोगी के करीबी माने जाने वाले प्रतिद्वंद्वी पार्टी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शिव डहरिया व रामदयाल उइके, आदिवासी विभाग के अध्यक्ष अमरजीत भगत, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मंडावी सहित अन्य नेताओं की सीट को अजीत जोगी बसपा के खाते में दे सकते हैं। यह भी कयास लगाए जाने लगे हैं कि इन सीटों पर अजीत जोगी चुनाव नहीं लड़ाना चाहेंगे क्योंकि वहां से कांग्रेस के दावेदार जोगी के काफी करीब माने जाते हैं।Posted By: Bhupendra Singh

September 22, 2018 15:56 UTC


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