Youtube timestamps feature: Youtube is testing 'timestamps' feature so users can jump to specific points without watching full video - Youtube टेस्ट कर रहा है 'timestamps' feature, नहीं देखने होंगे लं

ऐसा लगता है कि गूगल का विडियो शेयरिंग प्लैटफॉर्म यूट्यूब अपने यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर करने जा रहा है। सामने आया है कि यूट्यूब अपने प्लैटफॉर्म पर टाइमस्टैम्प्स या बुकमार्क्स फीचर टेस्ट कर रहा है। अक्सर ऐसा होता है कि किसी यूट्यूब विडियो में आप कोई एक खास हिस्सा ही देखना चाहते हैं और यह फीचर यूजर्स को पूरा विडियो देखने के बजाय किसी खास पॉइंट से विडियो शुरू करने का विकल्प देता है। इस फीचर को ऐंड्रॉयड पुलिस ने स्पॉट किया है और फिलहाल यह सभी क्षेत्रों में ग्लोबली नहीं मिल रहा है।रिपोर्ट में कहा गया है कि यह फीचर गूगल ऐप के 10.7.4.21 में देखने को मिला है। यह फीचर सभी के लिए कब उपलब्ध होगा, इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। अगर आप 10.7.4.21 वर्जन वाले गूगल के बीटा ऐप यूट्यूब विडियो सर्च करते हैं तो आपको कुछ विडियो उनकी टाइमलाइन और बुकमार्क्स के साथ दिखाई देते हैं। विडियो टाइमलाइन के नीचे स्क्रॉल करने वाले टाइमस्टैम्प और उनसे जुड़ी जानकारी दी गई है। इसकी मदद से आप सीधे विडियो के उस हिस्से पर जा सकते हैं, जो आप देखना चाहते हैं।फीचर से जुड़ी अच्छी बात यह है कि कई बुकमार्क्स के साथ उनके थंबनेल भी दिख रहे हैं, जो विडियो देखने वालों के लिए विडियो के हिस्सों पर स्विच करना आसान कर देते हैं। थंबनेल पर क्लिक करके विडियो को किसी एक पॉइंट से प्ले किया जा सकता है। इन्हें नीले रंग से हाइलाइट किया गया है और कुछ यूजर्स ने ऐंड्रॉयड पुलिस के साथ इसके स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं। फिलहाल यह फीचर पूरी तरह तैयार नहीं है क्योंकि टाइमलाइन से जुड़ी कुछ कमियां भी अभी देखने को मिल रही हैं, जिन्हें फिक्स किया जा सकता है।कोई दो राय नहीं है कि यह फीचर यूजर्स का वक्त बचाएगा और उन्हें पूरा विडियो नहीं देखना पड़ेगा। इस फीचर के अलावा गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोमवार को कहा कि यूट्यूह ने पिछली तिमाही में अपने प्लैटफॉर्म से 90 लाख से ज्यादा विडियो हटाए हैं। ऐसे विडियोज को खतरनाक और आपत्तिजनक कंटेंट के चलते हटाया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पिचाई ने यह भी कहा कि इस समस्या को पूरी तरह दूर करने और हर विडियो को क्रॉसचेक करने के लिहाज से यह प्लैटफॉर्म बहुत बड़ा है।

June 19, 2019 02:48 UTC


लोकसभा / मोदी ने आज एक राष्ट्र, एक चुनाव के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई, ममता-केसीआर शामिल नहीं होंगे

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव बैठक में शामिल होंगेबैठक में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगीमोदी ने 20 जून को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को बैठक के साथ रात्रिभोज का आमंत्रण दियाDainik Bhaskar Jun 19, 2019, 11:27 AM ISTनई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख नेताओं की एक बैठक बुलाई है। इसमें 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के अलावा महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने और 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने मंगलवार को ही इनकार कर दिया।तृणमूल प्रमुख ममता के अलावा इस बैठक में टीआरएस नेता और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव बैठक में शामिल नहीं होंगे। हालांकि उनके बेटे और टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव बैठक में शामिल होंगे। मोदी ने 20 जून को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को बैठक के साथ रात्रिभोज का आमंत्रण दिया है।ममता ने कहा- सरकार पहले श्वेत पत्र तैयार करेममता ने संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' मुद्दे पर जल्दबाजी न करने और श्वेत-पत्र तैयार करने की बात कही है ताकि सभी प्रमुख नेता श्वेत पत्र पर अपने विचार व्यक्त कर सकें। इसके लिए सभी को पर्याप्त समय भी देना चाहिए। ममता ने यह भी कहा कि अगर आप (मोदी) ऐसा करते हैं, तभी हम सब इस विषय पर अपने सुझाव दे सकेंगे।केजरीवाल, स्टालिन और चंद्रबाबू बैठक में शामिल नहीं होंगेदिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन और तेदेपा अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू भी बैठक में शामिल नहीं होंगे। तेदेपा की ओर से जयदेव गल्ला और आप की ओर से राघव चड्डा उपस्थित रहेंगे। वहीं, राकांपा प्रमुख शरद पवार और सीपीआई के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी बैठक में उपस्थित रहेंगे।पहली बैठक में पार्टी लाइन तोड़कर 6 दलों के नेता शामिल हुए थेइससे पहले मोदी सरकार ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले ने 16 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें पार्टी लाइन को तोड़कर वाईएसआर कांग्रेस नेता वी विजयसाई रेड्डी, तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रॉयन, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, राकांपा की सुप्रिया सुले, अपना दल (सोनेलाल) से अनुप्रिया पटेल, आप से संजय सिंह और तेदेपा के नेता जयदेव गल्ला भी बैठक में पहुंचे थे। 17वीं लोकसभा का पहला सत्र 26 जुलाई तक चलेगा।

June 19, 2019 02:23 UTC


ग्लोबल वॉर्मिंग / ग्रीनलैंड में जहां डेढ़ मीटर बर्फ थी, अब वहां झील में स्लेज खींच रहे कुत्ते

Dainik Bhaskar Jun 19, 2019, 11:29 AM ISTकोपेनहेगन. धरती के बढ़ते तापमान (ग्लोबल वॉर्मिंग) से दुनियाभर के वैज्ञानिक चिंता में हैं। बर्फ पिघलने का एक फोटो वायरल हो रहा है। यह फोटो ग्रीनलैंड में डेनिश मेट्रोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक स्टीफन ओल्सन ने 13 जून को लिया था। फोटो में कुत्ते झील में स्लेज खींचकर ले जा रहे हैं। ओल्सन के मुताबिक, ग्रीनलैंड के जिस इलाके में झील बन गई है, वहां कभी 1.2 मीटर मोटी बर्फ की चादर थी।ओल्सन द्वारा ली गई फोटो ग्रीनलैंड के इंगलफील्ड ब्रेडनिंग फियोर्ड में ली गई। कटे-फटे समुद्र तटों को फियोर्ड कहा जाता है। स्केंडेनेवियाई देशों (नॉर्वे, स्वीडन) में इसी तरह के समुद्र तट होते हैं।डेनिश मेट्रोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (डीएमआई) में ओल्सन के सहयोगी रास्मुस टोनबो ने कहा कि ग्रीनलैंड में बर्फ की चादर और समुद्र बर्फ तेजी से पिघल रही है। बर्फ की चादर पिघलने से पहाड़ों पर झीलें बन रही हैं।ओल्सन ने ट्वीट किया कि उनकी टीम ने स्थानीय शिकारियों और उनके कुत्तों से पारंपरिक ज्ञान पर भरोसा किया क्योंकि उन्होंने बर्फ पर शुष्क स्थानों की खोज की थी। टीम ने अपनी यात्रा की योजना के लिए उपग्रह आधारित फोटो का भी इस्तेमाल किया।डेनिश मेट्रोलॉजिकल इंस्टीट्यूट में मौसम वैज्ञानिक रूथ मोट्रम के मुताबिक- अगर इस साल किसी को ग्रीनलैंड में अभियान के लिए आना है तो बेहतर होगा कि आप उपकरणों के साथ आएं। स्लेज भी साथ में रखें। समुद्री बर्फ पर आपको काफी पानी मिल सकता है। ठंड में यहां की बर्फ अमूमन काफी ठोस हो जाती है लेकिन इस बार जून में ग्रीनलैंड और आर्कटिक में अपेक्षाकृत काफी गर्मी देखी गई। इसकी वजह दक्षिण से गर्म हवा का आना बताया जा रहा है।रूथ यह भी बताती हैं- ग्लेशियर पर काफी बर्फ पिघल रही है। डीएमआई के पास स्थित कानाक एयरपोर्ट पर पिछले बुधवार को 17.3 डिग्री सेल्सियस और गुरुवार को 15 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह उत्तर ग्रीनलैंड में सबसे ज्यादा तापमान है।

June 19, 2019 02:23 UTC


आपदा / जापान में 6.4 तीव्रता का भूकंप, 26 जख्मी; सुनामी की चेतावनी वापस ली गई

मंगलवार को भूकंप आने के बाद सरकार ने सुनामी की चेतावनी जारी की थीजापान सागर में कम ऊंची लहरें उठने के कारण चेतावनी वापस ली गईप्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा- आपदा से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारDainik Bhaskar Jun 19, 2019, 12:02 PM ISTटोक्यो. जापान में मंगलवार को 6.4 तीव्रता का भूकंप आया। इसे देखते हुए सरकार ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी। हालांकि बाद में इसे वापस ले लिया गया। आपदा में अब तक अलग-अलग शहरों में 26 लोगों के घायल होने की खबर है।देश के मौसम विभाग ने मंगलवार को ही चेतावनी दी थी कि सागर की एक मीटर (तीन फीट) ऊंची लहरें टोक्यो के उत्तर में जापान सागर के तट से टकरा सकती है। लेकिन 10 सेमी ऊंची ही लहरें उठीं। लिहाजा जापान के मौसम विभाग ने भूकंप के तीन घंटे बाद सुनामी की चेतावनी वापस ले ली।प्रधानमंत्री ने भूकंप को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दीप्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बताया कि उनकी सरकार पूरी तरह आपदा से निपटने के लिए तैयार है। नागरिकों को भूकंप को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। न्यूज एजेंसी ने बुधवार को बताया कि उत्तर पश्चिमी जापान में भूकंप से करीब 26 लोग घायल हुए हैं। यमागाता में कुल 17, नीगाता और मियागी में चार-चार और इशिकावा प्रांत में एक व्यक्ति घायल हुए हैं। भूकंप से हुए नुकसान का अभी मूल्यांकन नहीं किया जा सका है।भूस्खलन की आशंकाअधिकारियों ने कहा कि शहर और आसपास के इलाकों के हजारों लोगों को आश्रय केंद्रों में रखा गया है। भूकंप आने के तुरंत बाद बुलेट ट्रेन रोक दी गई थी, हालांकि बुधवार सुबह से इसे शुरू कर दिया गया। एजेंसी के एक अधिकारी ने आपातकालीन बैठक में कहा कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि फिर से बड़ा भूकंप आ सकता है। कई प्रांतों में खराब मौसम का पूर्वानुमान जताया गया है। इलाके में भूस्खलन की भी आशंका है।

June 19, 2019 02:19 UTC


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