सीबीआई ने JNU के लापता छात्र नजीब अहमद की तलाश बंद की, अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल

सीबीआई ने पुलिस की एक साल से अधिक की जांच के बाद पिछले साल 16 मई को जांच का जिम्मा अपने हाथों में लिया था. इससे पहले बीते 8 अक्टूबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में सीबीआई को 'क्लोजर रिपोर्ट ' दाखिल करने की इजाजत दे दी थी.दिल्ली हाईकोर्ट नजीब की मां फातिमा नफीस के इस आरोप से सहमत नहीं हुआ था कि सीबीआई राजनीतिक मजबूरियों के चलते क्लोजर रिपोर्ट रिपोर्ट दाखिल करना चाहती है. सीबीआई ने कहा कि इसने मामले के हर पहलू की जांच की. उसका मानना है कि लापता छात्र के खिलाफ कोई अपराध नहीं किया गया है. इसका ब्योरा शिकायतकर्ता के साथ साझा करने की जरूरत नहीं है.पीठ ने कहा था कि सीबीआई के क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर देने के बाद शिकायतकर्ता इसका विरोध करते हुए एक याचिका दायर कर सकती हैं.

Source:NDTV

October 15, 2018 13:01 UTC


तनुश्री ने जो FIR दर्ज कराई है, उसके आधार पर नहीं हो सकती है नाना को सजा

Dainik Bhaskar Oct 15, 2018, 06:30 PM ISTयूटिलिटी डेस्क. दस साल पुराने छेड़छाड़ के मामले में बीते दिनों बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। तनुश्री की कम्प्लेन पर मुम्बई के ओशिवारा थाने की पुलिस ने नाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 354A और 509 के तहत केस दर्ज किया है।नाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने कि अगर मामले में नाना को दोषी करार दिया गया तो उन्हें कितनी सजा दी जाएगी। लोगों के इसी सवाल को ध्यान में रखते हुए हमने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में क्रिमिनल मामलों के वकील प्रमोद सक्सेना से बात की। उनके अनुसार, इस मामले में नाना को कोई सजा नहीं हो सकती।इसलिए नहीं मिल सकती सजा

October 15, 2018 12:50 UTC


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